बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध। [2] Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi

Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध।

Beti bachao beti padhao eassy in hindi

Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi- भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 में हरियाणा के पानीपत जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की गयी, इस अभियान को शरू करने का मकसद स्त्री पुरुष के बीच लिंगानुपात के असंतुलन को दूर करना था।  2015 में भारत में प्रति 1000 पुरुषों पर 940  महिलाये था। इस अभियान की शुरुआत हरियाणा पानीपत से इसलिए की गयी यहाँ पर स्त्री पुरुष लिंगानुपात में सर्वाधिक असंतुलन प्रति 1000 पुरुषों पर 775 महिलाएं था।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध इस विषय ( Eassy on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi ) पर शब्द सीमा को ध्यान में रखते हुए दो निबंध दिए गए है, जो कक्षा 5 , 6 , 7 , 8 ,9 तथा 10 वीं के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होंगे।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध 300 शब्दों में। Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi 300 Words

किसी भी देश का विकास करने के लिए ये आवश्यक है कि उस देश उन्नति में देश की आधी आबादी को समुचित भागीदारी मिल सके, लेकिन भारत के सन्दर्भ में ऐसा नहीं था, भारत में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार प्रति 1000 पुरुषों पर सिर्फ 940 महिलाएं थी, लिंगानुपात के इस असंतुलन को दूर करने के लिए 22 जनवरी 2015 में सरकार द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का शुभारंभ किया गया , इसके तीन मुख्य उद्देश्य थे ,

  1. कन्या भ्रूण हत्या को रोकना
  2. महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध की रोकथाम
  3. बाल अधिकारों का संरक्षण

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत हरियाणा राज्य से की गयी , ज्ञानकी यहाँ पर सबसे काम लिंगानुपात 775/ 1000 था। हरियाणा के पानीपत में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस योजना का सुभारम्भ किया गया। यह योजना तीन मंत्रालयों बल विकास , स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व मानव संसाधन विकास मंत्रालय के समन्वित प्रयास से शुरू की गयी, शुरू में इस योजना को 100 निम्न लिंगानुपात वाले जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाया गया।

इसमें महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजना लाना और उनका बेहतर क्रियान्वयन शामिल था, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का उद्देश्य लिंग भेदभाव और लिंगानुपात असंतुलन को काम करना तथा महिलाओं को सामाजिक तथा वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।  इस अभियान को बल देने के लिए सोशल मिडिया पर महिलाओ के लिए ट्रेंड्स चलाये गए जैसे  #SelfiwithDaughter  , #BewithBeti चलाये गए।

इस अभियान को चलाने का फायदा यह हुआ है कि आजादी के बाद पहली बार महिलाओं संख्या में पुरुषों के मुकाबले बढ़ोत्तरी देखने को मिली,  राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे ( National Family Health Survey ) द्वारा नवम्बर 2021 जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में इस समय प्रति 1000 पुरुषों पर 1020 महिलाये है, जो निसंदेह भारत के लिए राहत पहुंचाने वाली बात है। एन एफ एच एस द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं , भारत में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध 600 शब्दों में। Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi 300 Words

आज हम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध ( Beti Bachao Beti Padhao Eassy in Hindi ) के बारे में बतायेंगे।

प्रस्तावना (Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi)

किसी भी समाज के चौमुखी विकास के लिए जरूरी है कि वहां की महिलाये शिक्षित और खुशहाल हों, जिस समाज में महिलाओं और बेटियों का सम्मान नहीं होता वह समाज कभी उन्नति नहीं कर सकता है, आज के इस लेख में हम भारत में महिलाओं की स्थिति, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत , क्या है यह योजना , इसके उद्देश्य क्या है और इसके परिणाम क्या रहे हैं, इसके बारे में बताने वाले हैं।

दोस्तों भारत एक कृषि प्रधान देश होने के साथ यहाँ का समाज पुरुष प्रधान है, फलस्वरूप भारत में महिलाओं पर  तरह तरह पाबंदियों को लाद दी गई , उन्हें हर जगह भेदभाव हुए शोषण का सामना करना पड़ता था, उनका हर निर्णय पुरुषों की इच्छा पर निर्भर करता था, भारत में महिलाओं के साथ भेदभाव प्राचीन समय से ही चला आ रहा है, प्राचीन समय और आज के समय में महिलाओं की स्थिति में क्या फर्क रहा है , पहले जरा इसे देख लेते है ,

प्राचीनकाल में महिलाओं की स्थिति

भारत में प्राचीन समय में महिलाओं अपेक्षाकृत अधिक सम्मान की नज़रों से देखा जाता था, कन्या को देवी स्वरुप माना गया है तथा कन्या पूजन की प्रथा हमारे देश में प्राचीन काल से ही चली आ रही है, समाज में नारियों को पुरुषों से ऊँचा स्थान दिया गया है, मनुस्मृति में कहा गया है,

                                  ” यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमन्ते तत्र देवता “

अर्थात जिस समाज में नारी की पूजा होती है उन्हें सम्मान दिया जाता है वहां देवता निवास करते हैं, नारियों को पुरुषों से ऊंचा स्थान हमारे देश में शुरू से ही दिया गया है, समय पर भारत की नारियों ने समाज में ऊँचा मुकाम हांसिल कर इसे साबित भी किया है, इनमे सीता, सावित्री, अनुसुइया , द्रोपदी, मैत्रेयी, गार्गी , कुंती , विदुला आदि नामों से हम भली भांति परिचित है, मध्य काल में अहिल्याबाई, जीजाबाई, दुर्गावती आदि नारियों ने अपने पराक्रम एवं वीरता से समाज पर अमिट छाप छोड़ी है।

वर्तंमान काल में महिलाओं की स्थिति

आधुनिक काल की बात करें तो रानी लक्ष्मीबाई की वीरता, रानी पद्मनी का जौहर, मीरा बाई की भक्ति और पन्ना धाय का त्याग की मिसाल और कहीं देखने को नहीं मिलती है, भारतीय समाज में आज भी इन्हे ऊँचा स्थान प्राप्त है , लेकिन कालांतर में सम्माज में अनेको कुरीतियां घर कर गई , इनमें  शिशु भ्रूण हत्या , दहेज़ प्रथा , महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध आदि चिंता के विषय बने हुए है, इस सब के बाबजूद आज की नारियों ने अपने साहस और मेहनत के बल पर न केवल समाज में ऊंचा स्थान प्राप्त किया है, बल्कि अपने देश और कुल का गौरव भी बढ़ाया है, इनमे किरण वेदी, पीटी ऊषा , कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स आदि हैं।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत (Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi)

भारतीय संविधान महिलाओ को पुरुषो के समान शिक्षा एवं रोजगार का अधिकार देता है, आज बेटियां पुरुषों के कन्धा से कन्धा मिला कर आगे बढ़ रही हैं चाहे वह मेडिकल का क्षेत्र हो, या फिर इंजीनियरिंग अथवा अध्यापन सभी जगह बेटियां अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है, लेकिन ये सब शहरी क्षेत्र तक ही सीमित है, भारत की बहुसंख्यक आबादी अभी भी गांवों में ही रहती है, और गांवों और कस्बों से आने वाली बेटियां उस सम्मान और अधिकार से वंचित थी जो उन्हें मिलाना चाहिए था।

इस सब को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जनवरी 2015 हरियाणा के पानीपत में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की। इसमें सरकार ने बेटियों की शिक्षा और उनने कल्याण के लिए योजना प्रस्तुत की।

हरियाणा से ही शुरुआत क्यों

इस योजना के आरम्भ के लिए हरियाणा राज्य को चुना गया क्योंकि यहाँ पर स्त्री पुरुष लिंगानुपात में सर्वाधिक असंतुलन 775 / 1000 था जो कि देशभर में सबसे अधिक है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का उद्देश्य

इस योजना के तीन उद्देश्य हैं ,

इसका सबसे मुख्य उद्देश्य समाज में लिंगानुपात के असंतुलन को दूर करना है, भारत के शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा  ग्रामीण क्षेत्रों में यह अंतर बहुत ज्यादा है। इस अभियान में देश की बहु बेटियों के प्रति होने वाले अपराधों में कमी लाना है।

इस योजना के तहत सम्पूर्ण भारत में कन्या भ्रूण ह्त्या पर रोकथाम लगाना है, यदि कोई डाक्टर इसमें किसी भी प्रकार से लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ समुचित कार्यवाही कर उसका प्रेक्टिस लाइसेंस निरस्त करने का प्रावधान है।

बेटियों के अधिकार और उच्च शिक्षा द्वारा उनमे आर्थिक स्वावलम्बन प्रदान करना हैं। समाज में बेटिओं के प्रति सोच में बदलाव लाना है। बाल विवाह पर नियंत्रण सरकार की प्राथमिकता में है, अभी हाल में लड़कियों के विवाह की उम्र 18 वर्ष से बढाकर 22 कर दी गयी है, उद्देश्य यह है कि बेटियों को शिक्षा के उचित अवसर मिल सके।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज ( Beti Bachao Beti Padhao Yojana ke Liye Aawashyak Dastavej )

इस योजना के तहत सरकार द्वारा बेटियों के कल्याण हेतु कुछ धनराशि , बैंको में उपलब्ध कराई जाती है , इसके लिए यदि आपकी बेटी की उम्र 1 से 10 साल के बीच है तो सबसे पहले पास के बैंक में उसका खाता खुलवाना होता है,

  • बेटी का फोटो
  • बेटी का जन्म प्रमाण पत्र
  • बेटी का आधार कार्ड
  • अभिभावक का आधार कार्ड

इसके तहत यदि आप बेटी के खाते में हर महीने 1000 रुपये हर महीने जमा करते है तो साल भर में यह राशि 12000 रुपये होती है, बेटी के अकाउंट में 14 वर्षों तक यह धनराशि जमा करने पर , आपके द्वारा जमा की गयी धनराशि 168000 रुपये होती है, आपकी बेटी के 21 वर्ष के हो जाने पर सरकार इस योजना के तहत कुल 607000 की धनराशि मिलेगी। बेटी के 18 वर्ष के होजाने पर आप इस राशि का 50% निकल सकते है, शेष राशि आपको बेटी के 21 वर्ष पूर्ण होने पर मिलेगी।

दोस्तों आपको यह लेख बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध ( Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi } कैसा लगा , अपनी राय  हमें कमेंट द्वारा जरूर बताएं , हम आगे भी कक्षा 5 से कक्षा 10 तक बच्चो के लिए उपयोगी निबंध लाते रहेंगे।

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