गिलोय के फायदे | Giloy Benefits in Hindi

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गिलोय के फायदे | Giloy Benefits in Hindi.

Giloy Benefits in Hindi
Giloy Benefits in Hindi

गिलोय के फायदे|Giloy Benefits in Hindi.

गिलोय (Giloy Benefits in Hindi) बेल की तरह उगने वाला चमत्कारिक पौधा है। जिसे आयुुुर्वेद मेे अमृता, गुुुडुची भी कहते है। इसका उपयोग जडीबुटी के रूप मे विभिन्न प्रकार के रोगों को दूर करने मे किया जाता है। गिलोय के पत्ते पान के पत्तेे की तरह होते हैं इनका रंग हरा या पीला होता है। गिलोय के फायदे देखते हुये ही इसे अमृता भी कहा गया है यानि अमृृत के समान। इसको इम्युनिटी बूस्टर के रूप मे भी उपयोग मे लाया जाता है।

गिलोय की जड़, पत्ती, तना तीनों को उपयोग मे लाया जाता है पर बिमारियों का उपचार करने मे मुख्य रूप से तने का ही प्रयोग करते है। गिलोय मे एंटी आक्सीडेंट से भरपूर मात्रा मे होता है जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को दूर करता है। इसके साथ ही इसमे एंटी इंफ्लेमेटरी प्रोपर्टी भी होती है जिसकी वजह से यह पीलिया, गठिया, डायबिटीज, बुखार, एसीडिटी आदि कई रोगों के उपचार मे काम आती है।

गिलोय मे पाये जाने वाले तत्व (Giloy Benefits in Hindi – Elements in Giloy)

गिलोय मे ग्लोइन नामक ग्लूकोसाइड पाया जाता है। इसके अलावा इसमे टीनोस्पोरिन, पामेरिन नामक एसिड भी पाया जाता है। इसमे कापर, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक आदि शरीर के लिए आवश्यक मिनरल्स भी भरपूर मात्रा मे होते हैं। इसके अलावा इसमे एंटीआक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीआर्थराइटिक, एंटी कैंसर आदि गुण होते हैं जो कई प्रकार की बिमारियों को दूर रखने मे हमारी सहायता करता है।

आइये देखते हैं इसके महत्वपूर्ण फायदेे क्या क्या हैै,

गिलोय के फायदे (Giloy Benefits in Hindi)

1) इम्यूनिटी बूस्टर:

गिलोय मे मौजूद एंटीआक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाते है। इसके नियमित सेवन से शरीर की इम्यूनिटी पावर बढती है तथी यह सर्दी जुखाम से निजात दिलाता है। इसके लिये गिलोय का जूस उपयोग मे लाया जाता है।

2) डेंगू:

डेगूं से बचाव के लिये गिलोय का सेवन किया जाता है। डेगूं के तेज बुखार मे इससे राहत मिलती है

3) डायबिटीज:

गिलोय टाईप-2 डाइबिटीज मे बेहद असरकारक है। गिलोय जूस ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है। यह शरीर मे इंसुलिन की मात्रा बढाने मे सहायक है जो डाइबिटीज रोगियों के लिये बहुत उपयोगी है।

4) बुखार:

पुराने से पुराने बुखार, मलेरिया, स्वाइन फ्लू मे गिलोय का उपयोग किया जाता है।

5) पीलिया:

गिलोय के पत्तों का रस पीलिया के मरीजों के लिये लाभदायक है। यह पीलिया मे होने वाले बुखार से राहत दिलाता है।

6) गठिया:

गिलोय के एंटीआर्थराइटिक गुण गठिया मे आराम दिलाते हैं। जोडो़ के दर्द से परेशान लोगों के लिये गिलोय बहुत उपयोगी है।

7) अपच:

पाचन से संबंधित समस्याओं जैसे कब्ज, एसीडिटी मे गिलोय बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।

8) अस्थमा:

गिलोय मे एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते है यह कफ को नियंत्रित करता है तथा श्वास संबंधी रोगों मे फायदेमंद है।

9) खांसी:

गिलोय मे एंटी-एलर्जिक गुण होते है। पुरानी से पुरानी खांसी इसके सेवन से ठीक हो सकती है। इसके लिये गिलोय का काढ़ा प्रयोग मे ला सकते हैं।

गिलोय के प्रयोग मे सावधानियां:

गिलोय को यो तो बहुत सारी बिमारियों मे प्रयोग मे लाया जाता है। लेकिन गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसके प्रयोग से बचना चाहिए।

गिलोय ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करता है अतः लो ब्लड प्रेशर के रोगियों को इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।

अभी तक आप गिलोय के फायदे ( Giloy Benefits in Hindi) के बारे मे जान ही गये होंगे। गिलोय ऐसी औषधि है जो वात, पित्त और कफ तीनों तरह के रोगोंं मे असरकारक है इसके साइड इफेक्ट ना के बराबर हैं, फिर भी किसी प्रकार की दिक्कत के लिये डाक्टर से परामर्श अवश्य करे।

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