Joe Biden-अमेरिकी डेमोक्रेट जो बाईडन की बायोग्राफी

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Joe Biden या जोसेफ बाईडेन,अमेरिकी डेमोक्रेट और 46 वें प्रेसीडेंट इलेक्ट हैं, इन्होनें वर्तमान प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रम्प को अमेरिकी प्रेसीडेंट इलेक्शन में हराया है। डेलावर से सीनेटर Joe Biden अभी अमेरिका के 47 वें उपराष्ट्रपति हैं।

Joe Biden का जन्म एवं शिक्षा

Joe Biden का जन्म 20 नवम्बर 1942 को पेनिसिल्वेनिया में हुआ था, इनके माता पिता का नाम केथरीन बाईडेन तथा जोसेफ बाईडेन हे, चार भाई बहनों में Joe Biden सबसे  हे, बाईडेन के पिता एक धनी ब्यक्ति थे, किन्तु जो बाईडेन के जन्म के समय अनेक फिनेंसिअल सेटबैक के कारण उनकी आर्थिक हालत ठीक नहीं थी, जिसकी वजह से शुरुआत के अनेको वर्षो तक बाईडेन के  परिवार को उनके ननिहाल में रहना पड़ा। परिवार में उनकी बहन बलेरी बाईडेन तथा दो भाई फ्रांसिस तथा जेम्स बाईडेन हैं, Joe Biden ने 1965 में यूनिवर्सिटी ऑफ़ डेलावर  इतिहास और पालिटिकल साइंस में बीए किया है। वर्ष 1968 में बाईडेन ने सीरेक्यूस यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री प्राप्त की।

विवाह एवं शुरूआती जीवन

वर्ष 1966 में बाईडेन का विवाह नेल्लिया हंटर से हुआ था, उनके दो पुत्र जोसेफ बीयू बाईडेन और रॉबर्ट हंटर बाईडेन एवं पुत्री नाओमी क्रिस्टीना है।

पत्नी एवं बेटी की मृत्यु

वर्ष 1972 में डेलावर में क्रिसमस की शोपिंग के दौरान एक कर दुर्घटना में बाईडेन की पत्नी और इनकी एक वर्षीया बेटी नाओमी की मृत्यु हो गयी, नेल्लिया बाईडेन की खड़ी कार में एक ट्रक द्वारा टक्कर मार देने से ये दुर्घटना हुई।  उनके बेटों बीयू और हंटर को   हेड एवं लेग इंजरी आई, जो हॉस्पिटल ले जाने के बाद ठीक हुई। वर्ष 2015 में डेमोक्रेट बीयू बाईडेन की मृत्यु 46 वर्ष में ब्रेन केंसर से हुई। वर्ष 1977 में उन्होंने जिल जैकब से दूसरा विवाह किया।

बाईडेन का अनुभव

Joe Biden के अनुभव की बात करें तो, उन्हें इन्हें इसका लम्बा अनुभव है, अमेरिकी सीनेट का उन्हें 6 कार्यकाल कस अनुभव है, जबकि उपराष्ट्रपति के रूप में उन्हें दो कार्यकाल का अनुभव है। अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए चुने जाने वाले वो अब तक के सबसे उम्रदराज ब्यक्ति है। राष्ट्रपति ट्रंप का राजनितिक अनुभव न होना उनकी नीतियों में भी झलकता है वहीँ दूसरी ओर बाईडेन का लम्बा राजनितिक अनुभव उनके काम आएगा, उन्हें भूतपूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ काम करने का भी लम्बा अनुभव है। बाईडेन सस्ती व सुलभ स्वस्थ्य सुविधा ‘ओबामा केयर ‘ के भी समर्थक है। जिसका राजनितिक लाभ वे अवश्य लेने चाहेंगें।

भारत अमेरिकी रिश्ता और बाईडेन से उम्मीदें

डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल का उत्तरार्ध भारत के लिए ज्यादा लाभदायक नहीं रहा है, भारतीय उत्पादों पर अधिक टैक्स, H-1B  बीजा सम्बन्धी कानून, एवं कश्मीर पर ट्रंप के बयानों ने भारत को खासा नुक्सान पहुँचाया है, जबकि बाईडेन राजनीती मंझे हुए खिलाड़ी है, उनकी नीतियों में स्थिरता रहने के उम्मीद है।

मूलतः Joe Biden को लेकर भारत में दो पक्ष है, एक पक्ष उन्हें भारत के लिए सही मनाता हे जबकि दूसरा गलत मानता है, बाईडेन कश्मीर मुद्दे , सी ए ए- एन आर सी पर भारत से संतुष्ट नहीं है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर उनकी पॉलिसियों उनका नजरिया एकदम भिन्न है। एक दूरदर्शी नेता होने के कारण बाईडेन अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों को काफी गहराई से समझतें है, वे किसी देश के आंतरिक मामलों में ज्यादा दखल नहीं देते, जबकि ट्रंप ठीक इसके उलट है, भारत द्वारा साथ दिए जाने पर भी ट्रंप कई बयान एवं नीतियाँ भारत के खिलाफ रहीं हें, बाईडेन विदेश नीति को अच्छी तरह से समझते है , ऐसे में बाईडेन भारत के साथ रिश्तों को और अधिक बेहतर बना सकतें है। Joe Biden के पूर्व बयानों के अनुसार वह भारत अमेरिकी संबंधों को काफी महत्वपूर्ण मानते है, वह भारत को अमेरिका का     ” प्राक्रतिक साझेदार  ” मानतें है, ओबामा के समय भारत अमेरिका के सम्बन्ध अच्छे हुए थे ऐसे में माना  जा सकता हे कि बाईडेन के समय में भी सम्बन्ध ठीक रहेंगे।

बदलते हुए भू राजनितिक समीकरणों पर भी भारत अमेरिकी सम्बन्ध निर्भर करतें है, चाइना के साथ अमेरिका क्या निति अपनाता है ,बहुत हद भारत के साथ सम्बन्ध इस पर भी निर्भर करतें है, फिर भी भारत अमेरिकी संबंधों में बहुत ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

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