Mahesh Gupta ( महेश गुप्ता ) चेयरमेन KENT RO-की सफलता की कहानी

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Mahesh Gupta ( महेश गुप्ता ) चेयरमेन KENT RO-की सफलता की कहानी।

Mahesh Gupta , KENT RO सिस्टम के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। महेश गुप्ता प्रथम पीढी़ के उद्योगपति है जिन्होंने भारत मे पीने के पानी की शुद्धता और गुणवत्ता के लिये कार्य किया है। डा. महेश गुप्ता को ” Pure water man of India ” भी कहा जाता है।

KENT RO सिस्टम मे पानी की शुद्धता के लिये Reverse Osmosis टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाता है। KENT RO सिस्टम की स्थापना 90’s के उत्तरार्द्ध मे हुई थी। इसका मुख्यालय नोएडा, उत्तर प्रदेश मे है।

Mahesh Gupta success story hindi
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MaheshGupta अन्य उत्पाद जैसे वैजीटेबल क्लीनर, वैक्यूम क्लीनर, वाटर सोफ्टनर, एयर प्यूरीफायर आदि भी बनाते है। महेश गुप्ता इन उत्पादों का निर्यात बांग्लादेश, नेपाल, कीनिया, मीडिल ईस्ट के देशों मे भी करते हैं।

डा. महेश गुप्ता मैकेनिकल इंजीनियर है। वर्ष 1975 मे IIT कानपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री ली। इंजीनियरिंग मे अपनी मास्टर्स की डिग्री उन्होंने IIP इंडियन इंस्टीट्यूट आफ पेट्रोलियम, देहरादून से ली।

कैरियर की शुरुआत

Mahesh Gupta ने अपने कैरियर की शुरूआत इंडियन आईल के साथ की। 1977 मे उन्होंने  “इंडियन आईल कारपोरेशन” मे नौकरी के साथ शुरुआत की और 1988 मे उन्होंने अपनी इस हाई पेड सैलरी जाब को बाय बाय कह दिया।

1988 मे डा. महेश गुप्ता के पुत्र दक्षिण दिल्ली की एक पाश कालोनी मे रहते थे, और उन्हें जांडिस हो गया। महेश गुप्ता जानते थे जांडिस दूषित पानी से होने वाली बीमारी है। उन्होंने भारत मे वाटर प्योरीफायर और इसकी उपलब्धता पर रिसर्च की , नतीजे संतोषजनक नहीं थे।

Mahesh Gupta ने अच्छी क्वालिटी का वाटर प्योरीफायर बनाने का विचार किया। चूंकि वे इंजीनियरिंग बेकग्राउंड से इसलिये अच्छी क्वालिटी का वाटर प्योरीफायर बनाना उनके लिये कोई मुश्किल काम नहीं था। उन्होंने इसमे लगने वाले कुछ जरूरी उपकरणों का विदशों से आयात किया।

 केंट RO सिस्टम (Kent RO System )

महेश गुप्ता ने अपने उद्यमी बनने की शुरुआत 20000 रुपयों से की जो उन्होंने इंडियन आईल कारपोरेशन लिमिटेड की नौकरी मे बचाये थे।

उन्होंने पहला वाटर प्योरीफायर Kent RO System के नाम से बाजार मे लाये। यह रिवर्स ओसमोसीस (Reverse Osmosis ) टेक्नोलॉजी से पानी शुद्ध करता है।

उन्होंने चार लोग और शुरूआती 1 लाख की इन्वेस्टमेंट के साथ यह काम शुरु किया। आज Kent RO Systems Limited के 3000 लोग और 600 करोड़ की कम्पनी है।

आज Kent RO Systems Limited भारत की अग्रिम वाटर प्योरीफायर कम्पनियों मे से एक है और कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कम्पनियों के साथ प्रतिस्पर्धा मे है।

दोस्तों आपको डा. Mahesh Gupta की कहानी कैसी लगी, नीचे कमेंट मे जरूर बतायें।

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