माइंडफुलनेस मेडिटेशन क्या है ? Mindfulness Meditation Hindi

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माइंडफुलनेस मेडिटेशन क्या है ? Mindfulness Meditation Hindi.

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माइंडफुलनेस मेडिटेशन ( mindfulness meditation Hindi) अपने आसपास के वातावरण के प्रति चेतना जागृत करने की विधि है।

माइंडफुलनेस मेडिटेशन क्या है ? ( Mindfulness meditation kya hai / Mindfulness meditation kya hota hai.

आपने कभी न कभी माइंडफुलनेस का नाम जरूर सुना होगा। माइंडफुलनेस के शाब्दिक अर्थ पर जाये तो इसका मतलब है सचेतन अथवा अपने आसपास के प्रति चेतना जागृत करना होता है। माइंडफुलनेस ध्यान का वह तरीका है जिसमे ब्यक्ति अपने दिमाग मे चल रहे विचारों को सुस्पष्ट एवं दृढ़ बना सकते है।

माइंडफुलनेस की जरूरत क्यों है:

1. कभी कभी आपने महसूस किया होगा कि आपके सामने वाला ब्यक्ति क्या कह रहा उसकी कुछ कुछ बातें समझ नहीं आ रही है या फिर आप कुछ पढ़ रहे वह पूरी तरह समझ नहीं आ रहा है।

2. आप किसी भी विषय पर फोकस नहीं कर पा रहे है। आपका मन इधर उधर भटक रहा है।

3. मन बैचेन रहता है। अनजानी आशंका से भयभीत रहता है।

दिमाग हर वक्त चलता ही रहता है प्रति मिनट अनेकों विचार दिमाग मे आते जाते रहते है। फलस्वरूप दिमाग मे थकावट महसूस होने लगती है। अपने आसपास के वातावरण से हमारे मन मे अनेकों प्रकार की नकारात्मक विचार आ जाते है, फलस्वरूप आपका दिमाग व शरीर दोनों ही थकावट महसूस करते है। माइंडफुलनेस की मदद से इन सब बातें से निजात पायी जा सकती है। इन सब बातों मे दो बाते मुख्य रूप से निहित होती है। एक दिमाग का थकना और दूसरा दिमाग मे भरा हुआ डर।

इन सबसे बचने के लिए ब्यक्ति को माइंडफुलनेस मेडिटेशन करना चाहिए।

माइंडफुलनेस की मदद से न केवल दिमाग मे ताजगी आती बल्कि भय भी दूर होता है।

माइंडफुलनेस विधियां ( Mindfulness Techniques- mindfulness meditation Hindi )

माइंडफुलनेस कुछ विधियां दी गयीं है। माइंडफुलनेस का मुख्य उद्देश्य भटकते मन को एकाग्र करना है।

1. सांस पर ध्यान :

किसी जगह पर आराम से बैठ जाये। अब अपनी आंखें बंद करके अपनी सांसों पर ध्यान एकाग्र करे। सांस को अंदर और बाहर जाते हुये महसूस करे। यस आपको 10 मिनट तक करना है। सांस सामान्य तरीके से ले। सांस का अंदर और बाहर जाते हुये महसूस करे। मन चंचल है जब भी मन इधरउधर भटके तुंरत सांस पर ध्यान केन्द्रित करे। थोडे अभ्यास के बाद ध्यान केन्द्रित करना सीख जायेंगे।

2. ध्यान से देखना :

आराम दायक स्थिति मे बैठ कर अपने आसपास के वातावरण पर ध्यान दे। कौन कौन सी चीजे आपके इर्दगिर्द है उन्हें ध्यान से देखे फिर उनके आकार पर ध्यान दे। उनकी बनावट व रंग रूप पर ध्यान केन्द्रित करे। हर चीज को देखकर उसकी बनावट रंग इत्यादि पर ध्यान दे। निरंतर अभ्यास के बाद आप इसे सीख जायेंगे। इससे यह फायदा होगा आप किसी के बारे मे पूर्व धारणा बनाने से बचेंगे।

3. ध्यान से सुनना:

अपने आसपास से आ रही आवाजों पर ध्यान लगाये। कौन कौन सी आवाजें आ रही है। चिडिया की आवाज, पंखे की आवाज, ट्रेफिक की आवाज, वाहनों की आवाज। कौन सी आवाज कहां से आरही है, कौन सी आवाज तेज आ रही है। आवाज के अलावा और कोई विचार मन मे न आने दे। ऐसा न सोचे कि ये आवाज न होती तो ठीक होता। कौन आवाज लगातार आरही है और कौन सी रूक रूक कर आ रही है। इस बीच अगर ध्यान भटकता है तो उसे तुरन्त आवाज पर लाये। धीरे धीरे अभ्यास के बाद आप ध्यान केन्द्रित करना सीख जायेंगे।

4. विचारों पर ध्यान:

मन बंदर के समान चंचल है , मन मे हजारों विचार आते जाते रहते है , उन्हें महसूस करे, उन्हें रोकने का प्रयास भी न करे केवल विचारों पर ध्यान रखे, ध्यान इधर उधर जाने पर उसे तुरंत अपने अंर आने वाले विचारों पर लाये और उन्हें महसूस करते रहे। मन मे किसी विचार पर उलझे नहीं अगर ऐसा हो तो गहरी सांस ले और उसे छोड दे। लगातार अभ्यास के बाद मन मे आने वाले विचार स्थिर हो जाते है।

माइंडफुलनेस से होने वाले लाभ: ( mindfulness meditation Hindi)

माइंडफुलनेस से होने वाले कई लाभ है उनमें से कुछ निम्न है,

  1. एकाग्रता बढ़ती है।
  2. तनाव से मुक्ति मिलती है।
  3. याद करने मे मदद मिलती है।
  4. शांति और खुशी का अहसास बढ़ता है।
  5. गुस्सा कम आता है।
  6. फैसला करने की क्षमता मे बढोत्तरी होती है।
  7. अतिसक्रियता मे कमी आती है।
  8. नींद की क्वॉलिटी अच्छी होती है।
  9. भावनात्मक सुरक्षा मे बढोत्तरी होती है।
  10. कान्फिडेंस बढ़ता है।
  11. मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहता है।
  12. शारिरिक स्वास्थ्य ठीक रहता है।
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