NLP Kya Hai ? NLP in Hindi. NLP क्या है ?

NLP in Hindi. NLP क्या है ? NLP Kya Hai ?

NLP in hindi

NLP in Hindi- दोस्तों आज के इस लेख में हम आपको बताने जा रहे है NLP क्या है ( NLP Kya Hai ) इससे होने वाले फायदे क्या क्या  है, इसको कैसे उपयोग में लाते है, आदि आदि , सबकुछ इस लेख में बताने जा रहे है तो अंत तक इस पोस्ट को सावधानीपूर्वक पढ़े , आपको निश्चित ही बहुत अच्छी जानकारी मिलाने वाली है।

NLP के द्वारा हम अपनी आदतों, अपने विचार , अपने इमोशंस को बदल सकते है, अपने आत्मविश्वाश को बढ़ा सकते है , यह एक ऐसा अभ्यास है, जिसको अगर आप कर पाने में सफल हो गए तो निश्चित ही आप अपनी जिंदगी में अच्छा कर पाने में कामयाब हो पाएंगे। आप अपने अंदर बहुत बड़ा बदलाव लेन में सफल होंगे। दुनियां के बहुत सारे लोगो ने इसे आजमाया और अपनी जिंदगी में एक अच्छा परिवर्तन लेन में सफल हुए।

NLP क्या है ? NLP Kya Hota Hai ? NLP in Hindi.

NLP शब्द Neuro Linguistic Programming का शॉर्ट फॉर्म है, इसको आगे बताने से पहले में कुछ बताना चाहता हूँ जिससे कि आपको इसे समझने में आसानी होगी, में बहुत ही सरल भाषा में इसे आपको समझने का प्रयास करूँगा , जब आप इसे समझ पाएंगे , इसकी उपयोगिता को समझ पाएंगे , तभी आप इसका समुचित लाभ ले पाएंगे।

आप सभी लोग कंप्यूटर के बारे में तो जानते ही है , आप कम्प्यूटर पर वो सारे काम  करते है जो आप करना चाहते है, आप गेम खेलते है, आप कुछ लिखते है , पढ़ते है, या फिर सर्च करते है, तो कम्प्यूटर आपके हिसाब वो सारे काम करता है जो आप करना चाहते है , कम्प्यूटर में ये सारी जानकारी एक प्रोग्राम के रूप में रहती है जिसे हम सॉफ्टवेयर कहते है, NLP भी सॉफ्टवेयर की तरह हमारे दिमाग ( Mind ) के लिए काम करता है, कम्प्यूटर में ये साडी जानकारी बिट के रूप में रहते है जबकि हमारे दिमाग में ये जानकारी न्यूरॉन्स के रूप में रहती है, आइये अब NLP क्या है जरा इसके बारे में भी जानते है ,

NLP का मतलब है तंत्रिका सम्बन्धी भाषाई प्रोग्रामिंग , यह ऐसा अभ्यास या तकनीकी जिसके द्वारा हम अपनी जिंदगी और बेहतर बना सकते है, हम अपने आत्मविश्वाश को बढ़ा सकते है, नुकसान करने वाले नेगेटिव विचारो अपने दिमाग से हटा सकते हैं। यह कम्युनिकेशन स्किल , ब्यक्तिगत विकास , मानवीय ब्यवहार को बदलने वाली तकनीक है, NLP में समाज के असाधारण लोगों के एक मॉडल के रूप में प्रयोग करके उनके कौशल और लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है,

इसे और आसान भाषा में इसे समझते है मान लीजिये समाज में कोई असाधारण रूप से सफल उच्च मूल्यों और आदर्शो वाला ब्यक्ति है, उसका दिमाग निश्चित रूप से कुछ विशिष्ट पैटर्न फॉलो कर रहा होगा , जो आम आदमी नहीं कर रहा होता है , तभी तो वह इतना सफल है, उन पैटर्न का अध्ययन करके , उसको प्रेक्टिस करके उतना कौशल प्राप्त कर सकता है। NLP ( Neuro Linguistic Programming ) दिमाग के लिए एक सॉफ्टवेयर की तरह काम करता है, यह skill और Speed के बेहतर तालमेल उच्च लक्ष्यों को प्राप्त करता है , आइये NLP ( Neuro Linguistic Programming ) को समझते हैं,

N – Neuro ( न्यूरो )

न्यूरो यानी तंत्रिका सम्बन्धी , हमारा शरीर तंत्रिका द्वारा संचालित होता है , और तंत्रिका को सिग्नल मिलते है हमारी इन्द्रियों के द्वारा, हमारे शरीर की पांच इन्द्रियां देखना, सुनना, सूंघना, टेस्ट करना और महसूस करना हमारे शरीर को बाहरी दुनियां से रूबरू कराती है, ये पांचों इन्द्रियां बाहरी दुनियां से हमारा सम्बन्ध स्थापित करती हैं, हमारे शरीर या कह सकते है।

हमारे दिमाग को बाहरी दुनिया के बारे में जानकारी के पांचों इन्द्रियां ही उपलब्ध कराती है, इस जानकारी को हमारे दिमाग तक पहुंचने का काम न्यूरॉन्स करते है, उसके बाद हमारा दिमाग उसके बारे में एक इमेज या चित्र तैयार करता है, लोगों द्वारा पूछे गए सवाल , या फिर हमारा ब्यवहार इसी इमेज या चित्र पर निर्भर करता है, और हम उसका जवाब देने में सक्षम होतें हैं।

  L – Linguistic ( भाषा सम्बन्धी )

यहाँ भाषा का मतलब दिमाग की भाषा से है  ,अलग अलग ब्यक्तियो के दिमाग की भाषा अलग अलग हो सकती है, अगर हम यह जान लेते है कि अमुक ब्यक्ति इनफार्मेशन ट्रांसममिशन के लिए किस भाषा का प्रयोग कर रहा है तो , मतलब यह है कि अगर हम किसी ब्यक्ति के दिमाग की भाषा की समझ लेते हैं तो हम उसके विचारों को समझा जा सकता है, और जरुरत पड़ने पर उन्हें बदल भी सकते है, यानि हम एक तरह से दूसरे ब्यक्ति के दिमाग पर कंट्रोल कर सकते है, दूसरे ब्यक्ति के विचारो को बदला जा सकता है, इसके द्वारा दूसरों से बेहतर कम्म्युनिकेशन स्थापित किया जा सकता है।

P – Programming ( प्रोग्रामिंग )

दिमाग विभिन्न प्रकार की जानकारिया एकत्र करके किसी भी घटना या विषय के बारे में प्रतिक्रिया देता है, यह तो तब होता है जब कुछ वास्तव में कुछ घटित हो रहा होता है लेकिन केवल इन्फॉर्मेशन की मदद से दिमाग को अलग अलग सिचुएशन या स्थिति के बारे में प्रोग्राम का सकते है, और अलग अलग सिचुएशन का प्रयोग करके हम बेहतर रिजल्ट ला सकते है।

बेंडलर और ग्राइंडर का दवा है , प्रोग्रामिंग के माध्यम से सीखी गयी न्यूरोलॉजिकल प्रक्रियाओं , भाषा और ब्यवहार पैटर्न के बीच एक सम्बन्ध है और इन्हे जीवन में विशिष्ट लक्ष्यों को प्राप्त करनर के लिए बदला जा सकता है।

बेंडलर और ग्राइंडर यह दवा भी करते है कि NLP से असाधारण लोगों के कौशल को मॉडल किया जा सकता है, और कोई भी उन कौशल को प्राप्त कर सकता है।

वे यह भी कहते है कि NLP ( Neuro Linguistic Programming ) से फोबिया , मानसिक बीमारियां , एलर्जी , सामान्य जुखाम आदि समस्याओं का इलाज कर सकते हैं।

 NLP का इतिहास  ( History of NLP )

1970 केलिफोर्निया यूएसए में रिचर्ड बेंडलर और जॉन ग्राइंडर ने सर्व प्रथम इस पद्धति को लोगो को बताया था, जॉन ग्राइंडर भाषाविद व साइकोलॉजी के प्रोफ़ेसर और रिचर्ड बेंडलर गणित के छात्र थे , दोनों ने ही बताया की मानवीय ब्यवहार को एक विशिष्ट पद्धति के द्वारा बदला जा सकता है, और मानवीय जीवन को उत्कृष्ट बनाया बनाया जा सकता है। रिचर्ड गणित का छात्र थे , मानवीय ब्यवहार को समझने के लिए कम्प्यूटर विज्ञान पढ़ने लगा और इसमें उसे रूचि हो गयी।

NLP पर की पहली पुस्तक 1975 में स्ट्रक्चर ऑफ़ मैजिक : बुक अबाउट लेंग्वेज ऑफ़ थेरेपी आयी।

NLP तकनीकी कैसे काम करती है ( How Does NLP Works )

यह एक ऐसी तकनिकी है जिसमे मानवीय सोच , ब्यवहार , भाषा और प्रोग्रामिंग का अध्ययन किया जाता है , इस तकनिकी में एक मॉडल तैयार किया जाता है जो दिमाग को इस बारे में सचेत कराती है कि किस काम को किया जाना है और किस काम को नहीं किया जाना है।

एनएलपी किसी भी ब्यक्ति के दिमाग के सेंसरी मैप के अवचेतन पूर्वाग्रहों हुए सीमाओं का पता लगाने और उन्हें ठीक करने का प्रयास करता है।

एनएलपी सम्मोहन नहीं है बल्कि यह किसी के विचारों और ब्यवहार में परिवर्तन लाने के लिए भाषा के सचेत उपयोग के माध्यम से संचालित होता है।

एनएलपी किसके लिए है

NLP ( Neuro Linguistic Programming ) तकनिकी का प्रयोग ब्यवहार परिवर्तन पर फोकस कराती है ,इसका प्रयोग विभिन्न लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए किया जा सकता है , अल्लाह अलग लोग इसका प्रयोग अलग अलग तरीके से करते हैं, जैसे मेन्टल हेल्थ प्रोफेशनल इसका उपयोग आत्मविशवाश को बढ़ने , डिप्रेशन , अवसाद को दूर करने के लिए करते हैं, फोबिया को दूर करने के लिए भी उसका उपयोग होता है, ब्यक्तिगत विकास में रूचि रखने वाले लोग भी इसका उओयोग करते हैं, NLP की सहायता से लीडरशिप स्किल को निखारा जा सकता है जैसे पब्लिक स्पीकिंग , टीम बिल्डिंग , स्किल डेवलपमेंट आदि।

एनएलपी का ब्यवसायिकरण ( NLP ka Byawasayikaran )

1975 के बाद यह तकनिकी पूरी दुनिया में फैल चुकी थी, यह तकनिकी मनोचकित्सकों और सक्सेस कोचों के लिए बरदान साबित हुई, लोगों ने जगह ट्रेनिंग सेंटर खोल रखे थे, तबतक इसकी मार्केटिंग भी शुरू हो चुकी थी, मार्केटर यह दवा करते थे  ” यदि कोई इंसान कुछ भी कर सकता है तो आप भी कर सकते है। ” उस समय 10 दिवसीय कार्यशाला के लगभग $10 चुकाते थे। खुद ब्रेन्डलर ने 1980 में कार्यशालाओं और किताबो की बिक्री द्वारा $800000 से अधिक कमाये।

प्रख्यात अमेरिकन लेखक और कोच  टोनी रॉबिन्स के ग्राइंडर के साथ प्रशिक्षण लिया है, उन्होंने एनएलपी के कुछ विचारो का प्रयोग अपने ऊपर भी किया। बाद में उन्होंने विभिन्न सेमिनारों और मोटिवेशनल कार्यक्रमों में इसका प्रयोग किया।

आज के समय में भी इसके कई ट्रेनिंग सेंटर और वर्कशॉप चल रहे है, लोग इससे जुड़ रहे है और इस तकनिकी का फायदा उठा रहे हैं, इनमे सीईओ , मैनेजर्स, नेता , अभिनेता, मार्केटर और सेल्फ एम्पलॉईड सभी लोग है। आज के समय में यह तकनिकी बहुत पॉपुलर हो चुकी है। इस तकनिकी का अच्छी तरह से प्रयोग किये जाने पर आप कुछ भी कर सकते है, बस जरुरत है उसे अच्छी तरह से समझने और उसे अपने ऊपर लागू करने की, अगर आप ऐसा करने में सफल रहते है तो जीवन में मन चाहा मुकाम हांसिल कर सकते हैं।

अंतिम शब्द

दोस्तों आज की इस पोस्ट NLP ( Neuro Linguistic Programming ) क्या है, हुए यस कैसे काम कराती है इसके बारे में पूरी जानकारी दी है, इसके द्वारा कैसे हम अपने जीवन को बदल सकते है , उम्मीद है आपको ये पोस्ट पसंद आयी होगी, अपने विचार हमें कमेंट के द्वारा सूचित करे।

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