स्वदेशी नेता राजीव दीक्षित की जीवनी। Rajeev Dixit Biography in Hindi

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Rajeev Dixit

प्रखर वक्ता, वैज्ञानिक, सामाजिक चिंतक, राजीव दीक्षित (Rajeev Dixit Biography in Hindi) भारत मे अत्यंत लोकप्रिय लोगों मे से रहे हैं। विभाग प्रकार के रोगों और उनके आयुर्वेदिक उपचार मे उनका ज्ञान असाधारण था। उनके चिकित्सकीय ज्ञान का फायदा लाखों करोड़ों लोगों ने उठाया। उन्होंने शुरुआत मे बाबा रामदेव के साथ मे कार्य किया। वे स्वदेशी आंदोलन तथा आजादी बचाओ आंदोलन के सदस्य और प्रवक्ता थे। बाबा रामदेव ने उन्हें भारत स्वाभिमान ट्रस्ट का महासचिव बनाया, अपने अंतिम समय तक वे इस पद पर बने रहे। आइये श्री राजीव दीक्षित के जीवन के बारे मे जानते हैं,

राजीव दीक्षित की जीवनी। राजीव दीक्षित बायो ( Rajeev Dixit Wiki/ Bio ) – Rajiv Dixit Biography in Hindi.

पूरा नाम : राजीव दीक्षित

प्रचलित नाम : राजीव भाई

जन्मदिन : 30 नवम्बर 1967

माता : मिथिलेश कुमारी

पिता : राधेश्याम दीक्षित

जन्म स्थान : अतरौली, अलीगढ़, उ.प्र., भारत

मृत्यु : 30 नवम्बर 1910

मृत्यु के समय उम्र : 43 वर्ष

मृत्यु स्थान : भिलाई, छत्तीसगढ़, भारत

ब्यवसाय : सामाजिक कार्यकर्ता, वैज्ञानिक

प्रसिद्ध रहे : हैल्थ टिप्स के लिए

मृत्यु की वजह : हार्ट अटैक, कुछ लोगों के अनुसार मर्डर।

राष्ट्रीयता : भारतीय

कास्ट : ब्राह्मण

कालेज/ युनिवर्सिटी : आई. आई. टी. कानपुर ( एम. टेक. )

भाई : प्रदीप दीक्षित

बहन : लता शर्मा

रूचि : रीडिंग, ट्रेवलिंग, राइटिंग

पसंदीदा जानवर : गाय

पसंदीदा लेखक : बागभट्ट

पुस्तकें लिखी : स्वदेशी चिकित्सा, गौवंश पर आधारित स्वदेशी कृषि, गौ माता पंचगव्य चिकित्सा।

राजीव दीक्षित से जुडे़ विवाद ( Controversies Associated to Rajeev Dixit )

राजीव भाई बड़े निडर और बेबाक किस्म के ब्यक्ति थे। अपने विचारों को वे बड़ी स्पष्टता के साथ लोगों के सामने रखते थे। जिन्हें लोग पसंद भी करते थे। लेकिन जैसा कि अक्सर होता है, अपनी स्पष्टवादिता के कारण वे कुछ विवादों मे भी फंसे। उनसे जुडे़ कुछ विवादों के बारे मे जानते हैं,

  •  वर्ष 1991 स्विस बिजनेस मैन आर्थर डंकेल फारेन डाइरेक्ट इन्वेस्टमेंट के तौर तरीकों पर सरकार से चर्चा करने के लिए भारत के दौरे पर थे तब राजीव दीक्षित और उनके साथियों द्वारा उनके खिलाफ प्रदर्शन किया गया और यहां तक कहा गया कि उन्होंने हमले का प्रयास भी किया। जहां पर वे पुलिस द्वारा अरेस्ट किये गये तथा उन्हें तिहाड़ जेल भेजा गया।
  • अपने भाषणों मे वे फारेन डाइरेक्ट इन्वेस्टमेंट ( FDI ) , वर्ल्ड बैक, यूनाइटेड नेशंस की भूमिका को लेकर हमलावर रहते थे। जो कि उन दिनों मीडिया मे चर्चा का विषय बना रहा।
  • वे पं जवाहरलाल नेहरू और उनकी नीतियों के कटु आलोचक रहे हैं।
  • उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी के बारे मे भी विवादित टिप्पणी की थी। उनका कहना था भोपाल गैस कांड यूनियन कार्बाइड और अमेरिका की साजिश का नतीजा था।

राजीव दीक्षित से जुडे़ कुछ तथ्य ;

  • राजीव दीक्षित सिगरेट अथवा शराब किसी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करते थे।
  • अपने स्कूली दिनों मे वे अपने टीचर से बहुत अधिक सवाल जवाब करते थे।
  • राजीव दीक्षित के दादा जी फ्रीडम फाइटर थे। उन्होंने कई स्वतंत्रता आंदोलनों भे भाग लिया।
  • उन्होंने भूतपूर्व राष्ट्रपति स्व. डा. ए. पी. जे. अबुल कलाम के साथ एक प्रोजेक्ट पर काम भी किया।
  • वर्ष 1991 वे बाबा रामदेव से मिले। 10 वर्षों के उपरांत 2009 मे उन्होंने भारत स्वाभिमान आंदोलन चलाया जो भारत से भ्रष्टाचार और विदेशी कंपनियों को हटाने के लिए चलाया गया था। वह इस आंदोलन के राष्ट्रीय सचिव थे।

राजीव दीक्षित की मृत्यु ( Rajiv Dixit Death Reason Hindi )

राजीव दीक्षित की मृत्यु विवादित है। कुछ लोगों के अनुसार उन्हें गैस्ट्रिक की समस्या थी। उसकी वजह से हार्टअटैक से उनकी मृत्यु हुयी। उनके कुछ समर्थकों के अनुसार बाबा रामदेव ने षड्यंत्र द्वारा जहर देकर मरवाया गया। उनकी मृत्यु के बाद उनके शव का पोस्टमार्टम न किया जाना किसी षड्यंत्र की संभावना को जन्म देता है। खैर वजह जो भी रही है राजीव दीक्षित स्वदेशी आन्दोलन की महत्वपूर्ण हस्ती थे। उनकी मृत्यु के पश्चात स्वदेशी आन्दोलन भी कमजोर पड़ गया।

आज भले ही वह हमारे बीच मे न हो लेकिन उनकी आवाज लाखों लोगों का मार्गदर्शन खासतौर पर चिकित्सकीय सलाह के रूप मे करती रहेगा।

नमन !!

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