Shiv Nadar Biography in Hindi-शिव नाडार की जीवनी

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Shiv Nadar Biography-शिव नाडार पूर्व अध्यक्ष एचसीएल टेक्नोलोजी

Shiv Nadar ( शिव नाडार) एचसीएल टेक्नोलोजी के संस्थापक, पूर्व अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध समाजसेवी का जन्म मुलूइपोझी गाँव , तमिलनाडु में हुआ था, शिव नाडार भारत के उन चुनिन्दा ब्यक्तियों में से एक हैं जिन्होंने भारत में टेक्नोलोजी के विस्तार में महत्वपूर्ण भमिका निभाई, भारत के घर घर में कंप्यूटर पहुँचाने का श्रेय भी Shiv Nadar ( शिव नाडार) को ही जाता है, उन्होंने वर्षों पूर्व ही जान लिया था कि भारत की उन्नति के लिए टेक्नोलोजी का विस्तार अत्यंत आवश्यक है, आइये जानते हैं हर ब्यक्ति के प्रेरणा स्रोत शिव नाडार के बारे में।

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 Shiv Nadar ( शिव नाडार ) की ब्यक्तिगत जानकारी

नाम : शिव नाडार

पिता का नाम : सुब्रमनिया नाडार

माता का नाम : वामसुन्दरी देवी

जन्म तिथि : 14 जुलाई 1945

जन्म स्थान : जन्म मुलूइपोझी गाँव , तमिलनाडु, भारत

राष्ट्रीयता : भारतीय

शिक्षा संस्थान : पी एस जी कालेज ऑफ़ टेक्नोलोजी ( PSG Collage of Technology )

शिक्षा : इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रोनिक्स में डिग्री

पत्नी का नाम : किरण नाडार

पुत्री का नाम : रोशनी नाडार मल्होत्रा

नेट वर्थ : 15 यूएस डालर ( 2018 )

एच सी एल टेक्नोलोजी के संस्थापक, Shiv Nadar ( शिव नाडार) की दिलचस्पी बचपन में संगीत और खेल कूद में हुआ करती थी, लेकिन समय बदलने के साथ उनका झुकाव पढाई लिखाई की तरफ की तरफ होने लगा, अपनी प्रारंभिक शिक्षा इन्होने कुम्भकोनम टाउन स्कूल कोइम्ब टूर से की, आगे की पढाई के लिए इन्होने PSG Collage of Engineering में दाखिला लिया, यहाँ से इन्होनें इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रोनिक्स में डिग्री हांसिल की।

शिव नाडार का केरियर ( Carrier of Shiv Nadar )

निसंदेह Shiv Nadar (शिव नाडार)  एक विजनरी ब्यक्ति थे जो समय समय पर लिए गए उनके फेसलों से साफ झलकता है, इंजीनियरिंग में अपनी डिग्री के उपरान्त Shiv Nadar ( शिव नाडार) पुणे आ गए औए यही पर रह कर उन्होंने अलग अलग कंपनियों में काम किया, जिससे उनके अन्दर मार्किट की अच्छी पैदा हुई।

शिव नाडार कुछ अलग करना चाह रहे थे, जल्दी ही Shiv Nadar ( शिव नाडार) पुणे से दिल्ली आ गए, और यहाँ पर उन्होंने दिल्ली क्लाथ मिल में नौकरी कर शुरू की, दिल्ली क्लाथ मिल वो जगह थी जहाँ उनके सपनों को पंख लगे, वे हमेशा से ही अपना बिजनस शुरू करना चाहते थे, और यहीं पर उनकों अपने जैसे विचारों वाले लोगों से मुलाकात हुई, इसी श्रंखला में उनकी मुलाकार सबसे पहले अजय चौधरी से हुई, जो बाद में HCL के चेयरमेन भी बने।

HCL ( हिन्दुस्तान कंप्यूटर लिमिटेड ) की स्थापना

दिल्ली क्लाथ मिल के अपने 6 दोस्तों को लेकर उन्होंने अपनी कंपनी बनायीं जिसका नाम माइक्रोकोम्प  था, कंपनी डिजिटल केलकुलेटर्स बनाती थी, जिससे उनकी अच्छी खासी कमी हो जाति थी, उस समय तक भारत में कंप्यूटर विदेशों से आयात किये जाते थे, शिव नाडार और उनके साथियों ने मिलकर अपना कंप्यूटर बनाने का विचार किया, जिसके लिए वे इन्वेस्टर तलाश कर रहे थे लेकिन कोई इन्वेस्टर न मिल सका, फलस्वरूप उन्हें अपनी कंपनी माइक्रोकोम्प बेचनी पड़ी और उससे मिले पैसे से उन्होंने HCL ( हिन्दुस्तान कंप्यूटर लिमिटेड ) की शुरुआत की, इस तरह से अगस्त 1976 में HCL की स्थापना हुयी।

धीरे धीरे HCL ने मार्किट में अपनी पकड़ बनाना शुरू किया, शुरू में कंपनी के सामने अनेको कठिनाइयाँ आयीं लेकिन सभी चुनोतियों को पार करते हुए HCL मार्किट की सबसे बड़ी टेक कंपनी बन गयी, और आज कंपनी का सालाना कारोबार 32 हजार करोड़ रुपयों का है।

शिव नाडार को मिले पुरूस्कार और सम्मान

  • वर्ष 1995 में डाटाक्वेस्ट ने उन्हें ” आई टी में ऑफ़ द ईयर ” चुना,
  • वर्ष 2005 में उन्हें  ” सीएनबीसी बिजनस एक्सीलेंसी ” के लिए चुना गया,
  • वर्ष 2007 में मद्रास विश्वविद्यालय ने उन्हें डाक्टरेट की मानद उपाधि डी एस सी से सम्मानित किया,
  • वर्ष 2007 में अर्न्स्ट एंड यंग ने उन्हें ‘इंटरप्रेन्योर ऑफ़ द ईयर 2007′ सम्मान से नवाज़ा,
  • वर्ष 2008 में सरकार ने उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया,
  • वर्ष 2009 फ़ोर्ब्स पत्रिका ने उन्हें ” 48 हीरोज ऑफ़ फिलेनथ्रोपी ” में शामिल किया,
  • वर्ष 2010 में उन्हें ” डाटाक्वेस्ट लाइफ अचीवमेंट अवार्ड ” से सम्मानित किया गया,

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