प्रेरणादायक कहानी। Short Motivational Story in Hindi With Moral

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प्रेरणादायक कहानी। Short Motivational Story in Hindi With Moral / Short Motivational Story in Hindi/ Short Inspirational Story in Hindi.

Short Motivational Story in Hindi with Moral- आज मैं आपके साथ कुछ ऐसी कहानियां शेयर कर रहा हूं जिन्हें पढने के बाद न केवल आपकी सोच बदलेगी बल्कि कुछ प्रेरणा भी मिलेगी, ये कहानियां हमे कुछ न कुछ शिक्षा अवश्य देती हैं।

दो दोस्तों की कहानी: ( प्रेरणादायक कहानी: Short Motivational Story in Hindi for Success )

 

Short Motivational Story in Hindi With Moral
Short Motivational Story in Hindi With Moral

दो दोस्त समुद्र के किनारे टहल रहे होते है दोनों आपस मे अच्छे दोस्त होते है। वे साथ साथ चलते हुए किसी बात बहस करते हुये जा रहे थे। अचानक से दोनों दोस्तों के बीच तीखी बहस शुरू हो गयी। इस बीच पहले दोस्त ने गुस्से मे आकर दूसरे दोस्त  को थप्पड़ मार दिया। दूसरे दोस्त ने रेत पर लिखा ‘ आज मेरे अच्छे दोस्त ने मुझे थप्पड़ मारा।’

दोनों फिर आपस मे बात करते हुये आगे बढ़ गये, समुद्र के किनारे एक स्थान पर आकर उन्होंने फैसला किया , अब नहा लेना चाहिए। दोनों दोस्त समुद्र मे नहाने लगे, इस बीच दूसरा दोस्त, जिसे थप्पड़ लगा था, समुद्र की तेज लहरों मे फंसकर गहरे समुद्र मे चला गया, पहले दोस्त ने उसे डूबता देख उसकी तरफ आगे बढा़ और बडी मुश्किल से उसे किनारे की तरफ लेकर आया।

दोनों समुद्र किनारे आगे बढने लगे। दूसरे दोस्त ने पत्थर के उपर लिखा ‘ आज मेरे सबसे अच्छे दोस्त ने मुझे डूबने से बचाया।’ और दोंनो फिर आगे बढ़ गये। पहले दोस्त जिसने डूबने से बचाया था उससे पूछा, जब मैने थप्पड़ मारा तब तुमने रेत पर लिखा, आज मेरे दोस्त ने मुझे थप्पड़ मारा, और जब मैने तुम्हें डूबने से बचाया तब तुमने पत्थर पर लिखा।

कहानी का मोरल ( शिक्षा ):

जीवन मे आने वाली कड़वी बातों / यादों के को इस तरह लेना चाहिए, जिससे वे समय रूपी हवा के झोकों से धूमिल हो, मिट जाये, लेकिन अच्छी बातों को इस तरह से संजो कर रखना चाहिए कि कोई आंधी तूफान उसका कुछ न बिगाड़ सके।

लकड़ी काटने वाले की कहानी : ( प्रेरणादायक कहानी: Short Motivational Story in Hindi )

एक लकडी काटने वाला टिम्बर मर्चेन्ट के पास काम मांगने के लिए गया। बॉस ने उसके पास रखी लकडी को काटने के लिए कहा, लकड़ी काटने वाले ने कुछ ही समय मे उसे काट कर दिखा दिया। बॉस उसके काम से प्रभावित हुआ और उसे काम पर रख लिया। उसे एक अच्छी सैलरी का वादा किया, वह खुश हो गया उसे अगले दिन से काम पर आने को कहा गया।

लकडी काटने वाला अगले दिन काम पर पहुंच गया। बॉस ने उसे काम करने की जगह बतायी, वह काम करने साइट पर गया और अठारह पेड काट कर आया। वापिस आने पर टिम्बर मर्चेंट उसके काम से बहु खुश हुआ और कहा तुमने बहुत अच्छा काम किया, बॉस के प्रोत्साहन भरे शब्दों से वह खुश हो गया।

अगले दिन वह काम पर गया और इस बार वह पन्द्रह पेड काट कर लाया। तीसरे दिन वह फिर काम पर गया और इस बार वह सिर्फ दस पेड़ ही काट कर लाया। उसने बॉस से कहा माफ किजिए मैने कोशिश तो पूरी की लेकिन इस बार सिर्फ दस पेड़ ही काट पाया। क्या आप बता सकते है ऐसा क्यों हुआ, बॉस ने उससे कहा, क्या काम पर जाने से पहले तुमने अपनी कुल्हाड़ी पर धार तेज की थी। उसने कहा नहीं तो, आने के बाद वह सीधे अपने काम पर चला जाता है।

कहानी का मोरल ( शिक्षा ):

यद्यपि लकड़ी काटने वाला काफी मेहनती था। लेकिन सफलता के लिए सिर्फ हार्ड वर्क से काम नहीं हो पाता है। स्मार्ट वर्क भी जरूरी होता है। वह मेहनत तो कर रहा था। लेकिन उसके काम मे स्मार्टनेस नहीं थी, वह तैयारी ठीक तरह से नहीं कर रहा था। अतः जब कभी हमारे सामने को लक्ष्य होता है, तब उसमे प्राप्त करने के लिए हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क भी करना चाहिए।

पिता और पुत्री: ( प्रेरणादायक कहानी : Short Motivational Story in Hindi )

एक पार्क मे एक महिला बैंच के दूसरे किनारे पर बैठ गई और सामने खेल रहे एक छोटे लड़के की तरफ इशारा करते हुये बोली , वो मेरा बेटा है लाल स्वेटर मे। पास दूसरे किनारे पर बैठे पुरुष ने उसकी ओर देखा और कहा वह मेरी बेटी है बाईक पर सफेद कपड़ों मे।

कुछ समय बाद वह आदमी खड़ा हुआ और बोला बेटी लगता है चलने का समय हो गया है , बेटी बोली पापा सिर्फ पांच मिनट। वह फिर वापस से आकर बैंच पर बैठ गया। कुछ समय बाद वह फिर से खड़ा हुआ और बोला बेटी चलो चलते है, पापा सिर्फ पांच मिनट, उसने कहा ओके। और फिर से आकर बैंच पर बैठ जाता है। लगता है बहुत धैर्यवान पिता हैं आप।

एक वर्ष पहले प्रिया के बड़े भाई रोहन की एक सड़क दुर्घटना मे मृत्यु होगयी थी। एक लापरवाह ट्रक चालक ने बड़ी लापरवाही से उसकी बाईक को टक्कर मार दी थी। वह उसे कभी पांच मिनट का समय भी नहीं दे पाया था। इसका उसे बेहद अफसोस है। वह हमेशा ही अपने काम मे बिजि रहता था। आज वह बेटी को नहीं अपने आप को पांच मिनट दे रहा था।

कहानी का मोरल ( शिक्षा ) :

आप अपने ब्यक्तिगत जीवन मे कितने भी बिजि हो, अपनी प्राथमिकता पर अवश्य ध्यान देना चाहिए। और परिवार हमेशा आपकी प्राथमिकता मे रहना चाहिए।

दोस्तों आपने प्रेरणादायक कहानी ( Short Motivational Story in Hindi With Moral / Short Motivational Story in Hindi With Moral for Success ) पढ़ी। कहानी पसंद आये तो कमेंट मे जरूर बतायें।

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