अक्ल दाड को दर्द ऐसे करें दूर। Wisdom tooth pain relief in hindi

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अक्ल दाड को दर्द ऐसे करें दूर।Wisdom tooth pain relief in hindi.

wisdom tooth pain relief in hindi
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Wisdom tooth pain relief in hindi – Wisdom tooth यानि अक्ल दाड का आना एक नेचुरल प्रोसेस है। और सभी को इससे गुजरना होता है, अक्ल दाड सामान्यतः 17 से 28 वर्ष के बीच मे आते है। ये काफी मजबूत होते है।

अक्ल दाड आते समय दर्द क्यों होता है ?

जिन्हें अक्ल दाड आ चुकी है उन्होंने इसके आते वक्त दो से तीन दिनों तक दर्द महसूस किया होगा। अक्ल दाड काफी लेट यानि 17-18 वर्ष के बाद ही आते है। इस वक्त तक सभी दांत और जबडा़ सेट हो चुका होता है। अक्ल दाड मसूडों को फाडकर बाहर आते है इसलिए हमे दर्द का अहसास होता है।

ये दांत बडे होते है इन्हें सेट होने तक दर्द अनुभव होता है। इसवक्त ब्रश भी ठीक तरह से न कर पाने के कारण भोजन के कण दांतो मे फंसे रहने से दांतों मे बैक्टीरिया पैदा होने लगते है और मसूड़ों मे सूजन आ जाने से मसूड़ों मे पीडा़ होती है। चूंकि ये ग्रोथ की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है अतः इसे टाला नहीं जा सकता है, अपितु इसके उचित देखभाल से इसमे होने वाले दर्द को कम कर सकते हैं।

अक्ल दाड का दर्द कैसे दूर करे ( Wisdom teeth pain relief in hindi / Wisdom teeth pain home remedy in hindi )

अक्ल दाड आने पर कुछ घरेलू उपाय किये जा सकते हैं, दर्द निवारक दवाओं का प्रयोग भी कर सकते हैं लेकिन इसमे घरेलू नुस्खे काफी कारगर हैं। साधारणतया घर के किचन मे पायी जाने वाली वस्तुओं से ही इसका उपचार संभव है।

1. लौंग का प्रयोग:

एक लौंग लेकर उसे दांतो के बीच दबाकर रखे। तथा कुछ खाये पीये नहीं। दिन मे दो तीन बार करने से दांतो के दर्द मे राहत मिलती है। लौंग के तेल का भी उपयोग कर सकते हैं। लौंग के तेल से मसूड़ों पर हल्की हल्की मालिस करे व थोडी रूई को लौंग के तेल मे भिगोकर उसे दांतों मे दबा ले। इससे दांतों व मसूड़ों मै फैला संक्रमण खत्म हो जायेगा। इसमे एंटी बैक्टीरियल तथा एंटीसेप्टिक गुण होते हैं।

2. नमक के पानी से गार्गल:

जहां दर्ज हो रहा है वहां चुटकी मे नमक लेकर दबा ले। कुछ खाना पीना नहीं है। या फिर नमक के पानी से गार्गल कर सकते है ऐसा दिन मे दो से तीन बार करे दर्द मे राहत मिलेगी। इससे दांतों मे उत्पन्न बैक्टीरिया मर जायेंगे। जो मसूड़ों मे सूजन और दर्द का मुख्य कारण है।

3. हींग का उपयोग:

हींग मे एंटीबायोटिक एंटीसेप्टिक और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते है। जो मसूड़ों मे इंफेक्शन होने से बचाता है। इसके लिये हींग की थोडी सी मात्रा ले और उसे दर्द वाले स्थान पल लगा है। अथवा हींग का घोल बनाकर उसका गार्गल करे इससे दर्द मे राहत मिलेगी।

4. लहसुन का प्रयोग:

लहसुन मे एंटीबायोटिक, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी प्रोपर्टी पायी जाती हैं। जिससे मुंह मे बैक्टीरिया नहीं हो पाते है और दांतों के दर्द मे राहत मिलती है।

5. प्याज का उपयोग:

दांतों के दर्द मे प्याज के रस का भी प्रयोग कर सकते है प्याज मे एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण पाये जाते है जो मसूड़ों के इंफेक्शन से बचाव करते हैं।

अक्ल दाड मे दर्द से बचाव के लिए (Wisdom tooth pain relief in hindi) कुछ और उपाय हैं जैसे अमरूद के पत्तों , पिपरमेंट के पत्तों उपयोग आदि।

अक्ल दाड मे दर्द से बचाव के लिए (Wisdom tooth pain relief in hindi) इस लेख पर आपकी क्या राय है कमेंट मे जरूर बतायें।

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