योगी आदित्यनाथ का जीवन परिचय , शिक्षा, राजनैतिक कैरियर। Yogi Adityanath Biography in Hindi

Yogi Adityanath Biography in Hindi. योगी आदित्यनाथ का जीवन परिचय, शिक्षा, राजनैतिक कैरियर।

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Yogi Adityanath
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath Biography in Hindi – महंत योगी आदित्यनाथ  ( पूर्व नाम अजय सिंह बिष्ट ) का जन्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर तहसील के पंचूर गांव में हुआ था। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं।  उन्होंने उत्तर प्रदेश  के 21 वे मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जब साल 2017  भारतीय जनता पार्टी ने वहां चुनावों में जीत हांसिल की। योगी आदित्य नाथ एक करिश्माई ब्यक्ति है, उनके नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में प्रचंड जीत हांसिल की।

इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद देश में वे सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता है, वे एक राजनैतिक ब्यक्ति से हटकर बहुत कुछ है, आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बतायेंगे कि कैसे पंचूर गांव का एक सीधा साधा लड़का, उत्तर प्रदेश की राजनीती के शिखर पर पहुंचा और राजनीती के राष्ट्रीय फलक पर छा गया। इस आर्टिकल में हम उनके सम्पूर्ण सामाजिक और  राजनैतिक जीवन के बारे में बताने वाले हैं।

योगी आदित्यनाथ बायोग्राफी /Yogi AdityanathWiki (योगी आदित्यनाथ का जीवन परिचय- Yogi Adityanath Biography in Hindi )

असली नाम – अजय सिंह बिष्ट

निक नेम – योगी आदित्यनाथ

जन्मदिन – 05  जून 1972

जन्मस्थान – पंचूर, पौड़ी गढ़वाल

पिता का नाम – आनन्द सिंह बिष्ट

माँ का नाम – सावित्री देवी बिष्ट

भाई -बहन  : कुल सात भाई बहन ( तीन बड़ी बहनें , एक बड़ा भाई, और दो छोटे भाई )

विद्यालय – भरत मंदिर इंटर कालेज , ऋषिकेश

विश्वविद्यालय – हेमवंतीनन्दन विश्वविद्यालय, श्रीनगर , उत्तराखंड

शिक्षा – बी. एस – सी. ( मैथमेटिक्स )

चुनाव क्षेत्र – गोरखपुर, उत्तर प्रदेश

पद  – उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री तथा गोरखपुर मंदिर के मठाधीश

पूर्वाधिकारी – महंत अवेद्यनाथ

उत्तराधकारी – प्रवीण कुमार निषाद

उम्र –  49 वर्ष ( 2021  में )

ऊंचाई – 5 ‘ 5 ” फिट

वज़न – 72  Kg

राष्ट्रीयता – भारतीय

धर्म – हिन्दू ( नाथ संप्रदाय )

राजनितिक पार्टी – भारतीय जनता पार्टी

निवास – गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर , उत्तरप्रदेश

वेबसाइट – yogiadityanath.in

योगी आदित्यनाथ के ऑनलाइन अकाउंट्स लिंक:

1.Yogi Adityanath Instagram: इंस्टाग्राम अकाउंट का लिंक

2.Yogi Adityanath Twitter: ट्विटर अकाउंट का लिंक

योगी आदित्यनाथ की शुरूआती जिंदगी , परिवार : ( Yogi Adityanath Early Life, family – योगी आदित्यनाथ बायोग्राफी इन हिंदी )

योगी आदित्यनाथ का जन्म 05 जून 1972 को  उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर तहसील के पंचूर गांव में एक क्षत्रिय परिवार में हुआ था। इनके पिता आनंद सिंह बिष्ट फारेस्ट में रेंजर थे , जिनका देहांत 20 अप्रेल 1920 में हो गया था, इनकी माताजी का नाम सावित्री देवी है, परिवार में अपने माता पिता की सात सन्तानो में योगी आदित्य नाथ पांचवी संतान है। तीन बहनें , एक भाई बड़ा और दो छोटे भाई हैं।

योगी आदित्यनाथ की शिक्षा : (Yogi Adityanath Education  )

योगी आदित्यनाथ ने गजा टिहरी गढ़वाल के स्कूल से 1987 में हाई स्कूल की परीक्षा पास की, उसके उपरांत उन्होंने ऋषिकेश के भरत माता मंदिर से इंटरमीडिएट किया, उसके बाद इन्होने श्रीनगर गढ़वाल के हेमवंतीनन्दन विश्वविद्यालय से गणित में बी. एस सी. की परीक्षा पास

की। इस दौरान ये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से भी जुड़े रहे, पोस्ट ग्रेजुएशन करने के लिए इन्होने ऋषिकेश में एडमिशन भी लिया किन्तु तत्कालीन परिस्थितियों के कारण उसे पूर्ण नहीं कर पाये।

योगी आदित्यनाथ का राजनैतिक जीवन ( Yogi Adityanath Polytical Carrer  )

पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान वर्ष 1993 में गुरु गोरखनाथ पर शोध कार्य के लिए अपने चाचा के साथ गोरखपुर आये। इस दौरान वे गोरखपुर मंदिर के महंत अवैद्यनाथ के संपर्क में आये और यहीं के होकर रह गए। उन्होंने महंत अवैद्यनाथ से दीक्षा ग्रहण की, वर्ष 1994 में उन्होंने सम्पूर्ण सन्यास ले लिया, और अजय सिंह बिष्ट से योगी आदित्य नाथ बन गए। गोरखपुर मंदिर के महंत  अवेद्यनाथ ने इन्हे अपना उत्तराधिकारी घोषित किया , वर्ष 2014 महंत अवेद्यनाथ के निधन के पश्चात इन्हे गोरखपुर मंदिर का  महंत बनाया गया, उसके बाद पारम्परिक विधि विधान के साथ इन्हे गोरखपुर मंदिर का पीठाधीश बनाया गया।

कट्टर हिन्दू राष्ट्रवादी नेता की छवि :

योगी आदित्यनाथ की छवि एक साफ़ सुथरे , प्रखर हिन्दू राष्ट्रवादी नेता के रूप में रही है , इन्होने हिन्दुओं के सामाजिक, सांस्कृतिक, राष्ट्रवादी दल हिन्दू युवा वाहिनी का भी गठन किया है। इस संगठन पर 2005 में मऊ में हुए दंगो का आरोप भी लगा था, तब यह दल भारतीय जनता पार्टी के बिधायक कृष्णानंद राय की हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे, जिनकी हत्या का आरोप मुख़्तार अंसारी पर लगा था।

उनके विचारों और बयानों से उनकी छवि एक कट्टर राष्ट्रवादी हिन्दू नेता के रूप में बन गयी है, और उनकी इस छवि का लाभ भी उन्हें मिला है, आज वे सम्पूर्ण भारत में सर्वाधिक स्वीकार्य हिन्दू राज नेता है, चुनावों में पार्टी उन्हें लीडिंग कंपेनर के रूप में देखती है। पार्टी द्वारा पिछले लोकसभा चुनावों में उन्हें प्रचार के लिए हेलीकॉप्टर मुहैया कराया गया था, जो की पार्टी के अंदर उनके कद को दर्शाता है।

भारतीय जनता पार्टी से जुड़ाव :

योगी आदित्यनाथ के गुरु महंत अवैद्यनाथ  1991  और 1996 गोरखपुर से भारतीय जनता पार्टी के संसद रह चुके हैं, योगीजी का भी भर्तीत्या जनता पार्टी से सम्बन्ध एक दशक से भी पुराना है, महंत अवेद्यनाथ के निधन के पश्चात् भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें गोरखपुर से अपना उम्मीदवार बनाया , और वर्ष 1998 में वे पहली बार गोरखपुर से संसद बने तब उनकी उम्र मात्र 26 वर्ष थी , और उसके बाद वे गोरखपुर से लगातार 2004 , 2009 और 2014 में लगातार सांसद चुने गए और विरोधियों अपर उनकी जीत का अंतर भी लगातार बढ़ता ही गया, ये यह दर्शाता है कि जनता में उनकी स्वीकार्यता बढाती ही जा रही है।

मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ :

इन्होने 19 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश के पुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, इनके साथ दो उप मुख्यमंत्रियों ने भी शपथ ली, इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब दो मुख्यमंत्री बने हों।  इनके शपथ ग्रहण समारोह के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह , मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव भी शामिल हुए।

योगी आदित्यनाथ से जुड़े विवाद :

समय समय पर योगी आदित्यनाथ तरह के विवादों में भी फंसते रहे हैं , उनपर दंगे भड़काना , हथियारों को गैर कानूनी रूप से रखना अपराध शामिल हैं।

योगी आदित्यनाथ पर हमला :

संसद योगी आदित्यनाथ पर आजमगढ़ में  सितम्बर 2007 में भीषण जानलेवा हमला हुआ था , तब उनके काफिले में चल रहे 100 से अधिक वाहनों को निशाना बनाया गया था , मुहर्रम के दिन हुए उस हमले में  योगी  बाल बाल बचे थे, हमलावरों ने काफिले को चारों  तरफ से घेर कर हमला किया हुए इस हमले में बहुत सारे लोग जख्मी हो गए थे, फायरिंग के दौरान एक हिन्दू युवा की जान चली गयी,  तब जिलाधिकारी ने कहा वह बुरी तरह से जख्मी है, योगी उस युवा से मिलने की मांग पर अड़ गए, जिला अधिकारी ने मिलाने की अनुमति देने से मना कर दिया , और शहर में दंगों की आशंका के मद्देनजर कर्फ्यू लगा दिया गया।

योगी आदित्यनाथ का धरना प्रदर्शन :

अगले दिन योगी ने कर्फ्यू हटाने की मांग को लेकर एक श्रद्धांजलि सभा के आयोजन की घोषणा की, लेकिन जिलाधिकारी ने अनुमति देने से मना कर दिया , योगी आदित्यनाथ इसकी परवाह बिना धरने पर बैठ गए और अपने कई समर्थकों के साथ गिरफ्तारी दी। योगीजी को सी आर पी सी की धाराओं के तहत जेल भेज दिया गया। उनकी गिफ्तारी से समर्थकों में बहुत रोष फ़ैल गया।  अगले दिन मुंबई गोदान एक्सप्रेस के कई डिब्बों में आग लगा दी गई, तब इसका आरोप हिन्दू युवा वाहिनी पर लगा।

धर्मान्तरण का मुद्दा :

योगी आदित्यनाथ पर 2005 में 1800 क्रिश्चियन लोगों को धर्मान्तरित कराकर हिन्दू धर्म में शामिल करने का आरोप  है,  उत्तर प्रदेश के एटा में ईसाईयों के एक समूह ने हिन्दू धर्म अपना लिया था, प्रलोभनों के बदले ईसाईयों को हिन्दू धर्म में कन्वर्ट करने का आरोपण इनपर लगा था।

योगी आदित्यनाथ के शासन के मुख्य बिन्दु :

उत्तर प्रदेश में शासन के बागडोर संभालते ही योगीजी ने ताबतोड़ निर्णय लेने शुरू दिए थे , उन्होंने अपने शासन में सबसे ज्यादा जोर कानून ब्यवस्था को दुरुस्त करने में लगाया हुआ , और वे इसमें काफी हद तक सफल भी रहें हैं, आज उत्तर प्रदेश की कानून ब्यवस्था पहले के मुकाबले कई गुना बेहतर हुई है। उनके शासन के मुख्या बिंदुओं निम्न प्रकार समझ सकते हैं।

  1.  अपने शपथ ग्रहण के बाद तुरंत ही उन्होंने लड़कियों को छेड़छाड़ से बचाने के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन कर दिया, जो लड़कियों को मनचलों की छेड़छाड़ से बचाएगा, प्रदेश के अधिकतर जिलों में उन्होंने एंटी स्क्वाड टीम का गठन किया, और उन्हें स्कूल कालेजो और अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर तैनात हो कर दिया, इसका असर जल्दी ही देखने को मिला जब छेछड़ के मामलों में असमान्य रूप से कमी आयी।
  2. अपनी सरकार की नई केबिनेट के शपथ ग्रहण के साथ ही उन्होंने सभी मंत्रियों को पंद्रह दिनों के भीतर अपनी सभी तरह की चल अचल सम्पतिओं का ब्यौरा देने को कहा , ये सब उन्होंने सरकार के भीतर पारदर्शिता लेन के उद्देश्यों से किया।
  3. उत्तर प्रदेश में सालो से चल रहे अवैध बूचड़खानों को उन्होंने बंद करवा दिया, ये उनके चुनावी घोषणा पत्र में शामिल था। उत्तर प्रदेश में कई दशकों जो कसाईखाने चल रहे थे इनको उन्होंने सबसे पहले बंद करवा दिया।
  4. उन्होंने गौ हत्या पर भी जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रखी है,  मुख्यमंत्री बहुत बड़े पुजारी और गौ सेवक है, जो तस्करी को रोकने के लिए उन्होंने सख्त आदेश दे रखा है। उनकी सख्ती का परिणाम यह रह है की प्रदेश काफी हद तक गौ तस्करी पर लगाम लगायी जा सकीय है।
  5. जनहित में एक बड़ा फैसला लेते हुए उन्होंने कहा कि किसी सरकारों ऑफिस में कोई भी कर्मचारी या ब्यक्ति पान , गुटका, या तम्बाकू का सेवन नहीं कर सकेगा।  उनका यह आदेश स्कूलों , कालेजों , अस्पतालों सहित सभी तरह के सरकारी भवनों पर लागू होता है।
  6. लाल बत्ती के बेजा इस्तेमाल को रोकने के लिए उन्होंने अपने सभी मंत्रिओं को आदेश दिया की वे अपने निजी वाहनों में लाल बत्ती का प्रयोग न करें।
  7. उन्होंने नौकशाहों के साथ एक सम्बोधन में उन्होंने सभी से कह दिया कि राज्य में जल्द से जल्द न्याय और कानून ब्यवस्था में सुधार  होते हुए नज़र आना चाहिए।
  8. साथ ही उन्होंने अपने आला अधिकारिओं से कह दिया कि जो भी सरकारी दिशा निर्देशों के पालन में बाधा उससे बड़ी सकती से निपटा जाय।
  9. उन्होंने अपने सभी अधिकारीयों को निर्देश दिया है कि वे शोसल मिडिया से जुड़े रहे , जिससे राज्य में घटित अपराधों की जानकारी जल्द से जल्द उन तक पहुँच सके, हुए समय रहते अपराधों से निबटा जा सके।
  10. अब जबकि कोर्ट से राम मंदिर के हक़ में फैसला आ गया योगी सरकार चाहती है की राममंदिर का निर्माण जल्द से जल्द बनकर तैयार हो जाये।
  11. महिलाओं के साथ अपराध को उन्होंने अपनी सर्वोच्च वरीयता की सोच में रखा हुआ है, इस पर उन्होंने जीरो टॉलरेंस की निति अपना रखी है। अधिकारिओं को महिलाओ के प्रति होने वाले अपराधों को तुरंत प्रभाव से निबटने को कहा गया है।

अब जबकि योगी सरकार के शासन के साढ़े चार साल ख़तम हो गए है, इस सरकार ने न्याय और कानून ब्यवस्था को राज्य में बेहतर ढंग से लागू किया , उत्तर में कानून ब्यवस्था की स्थिति पहले से बेहतर दिख रही है।

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